सामुद्रिक शास्त्र में वर्णित अंगों का फड़कना……….शुभ या अशुभ

अंग फडकने के शुभ-अशुभ फल

हमारा शरीर अन्य प्राणियों की तुलना में काफी संवेदनशील होता है। यही कारण है कि भविष्य में होने वाली घटना के प्रति हमारा शरीर पहले ही आशंका व्यक्त कर देता है। शरीर के विभिन्न अंगों का फड़कना भी भविष्य में होने वाली घटनाओं की जानकारी देने का एक माध्यम है। अंगों के फड़कने से भी शुभ-अशुभ की सूचना मिलती है। प्रत्येक अंग की एक अलग ही विशेषता है और उनकी फडकने का एक अलग ही अर्थ होता है। तुलसीदास जी ने रामचरित मानस में कई स्थानों पर अंग फड़कने के फल का उल्लेख किया है। समुद्रशास्त्र में भी बताया गया है कि व्यक्ति के किसी खास अंग का फड़कने का अलग-अलग परिणाम होता है। हालांकि स्त्री और पुरुष के अंगों के फड़कने का फल अलग-अलग होता है। आमतौर पर यह जाता है कि पुरूषों के दाएँ अंग का फल आम तौर पर शुभ होता है जबकि स्त्री के बाएँ अंग का फड़कना शुभ माना जाता है। विभिन्न अंगों के अलग-अलग हिस्से फड़कने पर क्या शुभाशुभ फल प्राप्त होते हैं, इसका विवरण कुछ इस प्रकार है

मस्तक और ललाट  : संपूर्ण मस्तक का फड़कना दूर स्थान की यात्रा का संकेत समझना चाहिए तथा मार्ग में परशोनियां भी आती है। सिर का मध्य भाग फड़के तो धन की प्राप्ति होती है तथा परेशानियों से मुक्ति मिलती है। यदि ललाट मध्य से फडक़ ने लगे तो लाभदायक यात्रायें होती हैं। यदि पूरा ललाट फड़के तो राज्य से सम्मान तथा नौकरी में प्रोमोशन होता है।

भौहें : यदि दोनों भौंह के बीच का स्थान फड़के तो प्रेम मिलता है। दोनों भौहें फड़कें तो व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

आँख : दाहिनी आँख का मध्य भाग फड़के तो व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर धन अर्जित कर लेता है। दाहिनी आँख चारों तरफ से फड़के तो व्यक्ति के रोगी होने की संभावना रहती है। बाँयीं आखां का फड़कना स्त्री से दुख का, वियोग का लक्षण है। बांयी आँख चारों ओर से फड़कने लगे तो विवाह के योग बनते हैं।

नाक : किसी व्यक्ति की नाक फड़फड़ाती हो तो उसके व्यवसाय में बढ़ोत्तरी होती है। नाक की नाकें फड़फडा़ती हो तो किसी आने वाले संकट की सूचना देती है अथवा व्यक्ति शीघ्र ही रोगी होकर शैय्या पकड़ लेता है। किसी व्यक्ति के नाक के नथुने के अंदर फड़फड़ाहट महसूस हो तो उसे सुख मिलता है। यदि नाक की जड़ फड़के तो लड़ाई झगड़ा होने की संभावना रहती है।

कान : यदि दाहिने कान का छेद फड़फडा़ता है तो मित्र से मुलाकात होती है। यदि दाहिना कान फड़फड़ाता है तो पद बढ़े, अच्छे समाचार की प्राप्ति हो, विजय मिले। यदि बायें कान का पिछला भाग फडक़ता है तो मित्र से बुलावा आता है अथवा कोई खुश खबरी भरा पत्र मिलता है। यदि बांया कान बजे तो बुरी खबर सुनने को मिलती है।

गाल : किसी स्वस्थ व्यक्ति का दाहिना गाल फड़के तो उसे लाभ होता है तथा स्त्री से लाभ मिलता है। किसी व्यक्ति के संतान उत्पन्न होने वाली हो और उसके बायें गाल के मध्य में फड़फड़ाहट हो तो उसके घर कन्या का जन्म होता है और जन्म होने की संभावना न हो तो पुत्री से कोई शुभ समाचार मिलता है।किसी व्यक्ति के दोनो ओर के गाल समान रूप से फडफ़डाएं तो उसे अतुल धन की प्राप्ति होती है।

होंठ : किसी व्यक्ति का ऊपरी होठ फडफ़डायें तो शत्रुओं से हो रहे झगडे़ में समझौता हो जाता है। दोनों होठ फडफडा़यें तो कहीं से सुखद समाचार मिलता है।

मुँह ओर उसके विभिन्न अंग : मुंह का फड़फड़ाना पुत्र की ओर से किसी शुभ समाचार को सुनता है। यदि पूरा मुंह फड़के तो व्यक्ति की मनोकामनापूर्ण होती है। किसी व्यक्ति की ठोड़ी में फडफ़डा़हट का अनुभव हो तो मित्र के आगमन की सूचना देता है। यदि तालु फड़के तो धन की प्राप्ति होती है। यदि बांया तालु फड़के तो व्यक्ति को जेल यात्रा करनी पड़ सकती है। यदि दाँत का ऊपरी भाग फडफ़ड़ाहट करता है तो व्यक्ति को प्रसन्नता प्राप्त होती है। यदि जीभ फड़के तो लड़ाई झगड़ा होता है, विजय मिलती है।

गर्दन:  यदि किसी व्यक्ति की गर्दन बांयी तरफ से फड़कती हो तो धन हानि होने की आशंका तथा गर्दन दांयी तरफ से फडके तो स्वर्ण आभूषणों की प्राप्ति होती है।

कंधा:  जब किसी व्यक्ति का दाहिना कंधा फड़फड़ाहट करता है तो उसे धन संपदा मिलती है। भाई से मिलन होता है तथा बायां कंधा फड़फड़ाता है तो व्यक्ति बीमार पड़ता है, नाना प्रकार की चिंता सताती है। बाज़ू फडफ़डा़ती है तो धन और यश की प्राप्ति होती है तथा बांई ओर की बाहं फड़फड़ाए तो नष्ट अथवा खोई हुई वस्तु की प्राप्ति हो जाती है।

हाथ की हथेली , कोहनी  और अंगुलियां :

  • किसी व्यक्ति के हाथ की हथेली में फड़फड़ाहट हो तो ये शुभ शकुन है। उसे आने वाले समय में शुभ सपंदा की प्राप्ति होती है। हथेली के किसी कोने में फडफ़डा़हट हो तो निकट भविष्य में व्यक्ति किसी विपदा में फंस जाता है। बायें हाथ की हथेली में फड़फड़ाहट हो और वह व्यक्ति रोगी हो तो उसे शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ हो जाता है।
  • किसी व्यक्ति के दाहिने हाथ की कोहनी फड़फड़ाती है, तो किसी से झगड़ा तो होता है परंतु विजय उसे ही मिलती है और बायें हाथ की कोहनी फड़फडा़यें तो धन की प्राप्ति होती है।
  • किसी व्यक्ति के दाहिने हाथ का अंगूठा फड़फड़ाये तो उसकी अभिलाषा पूर्ति में विलंब होता है और हाथ की अंगुलियां फडफ़डा़यें तो अभिलाषा की पूर्ति के साथ-साथ किसी मित्र से मिलन होता है।

छाती और कमर  : छाती में फड़फड़ाहट होना मित्र से मिलने की सूचना, छाती के दाहिनी ओर  फडफ़डा़हट हो तो विपदा का संकेत, बांयी ओर फड़फड़ाहट हो तो जीवन में संघर्ष और मध्य में फड़फड़ाहट हो तो  लोकप्रियता मिलती है। जहां कमर की दाहिनी ओर की फड़फड़ाहट किसी विपदा का संकेत देती है, वहीं बांई ओर  की फड़फड़ाहट किसी शुभ समाचार का संकेत देती है।

 

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