धातकी या धवई का दुर्लभ प्रयोग

धातकी या धवई का दुर्लभ प्रयोग 

परिचय : धाय के पेड़ छोटे-छोटे होते है, यह पर्वतीय प्रदेशों में अधिक पैदा होते है, इसलिए इसका नाम पार्वती भी है। धातकी का पौधा मध्यम ऊंचाई का होता है। इसकी औसत ऊंचाई लगभग 3.6 मीटर होती है। यह औषधीय गुणों से भरपूर वनस्पति है। धाय के वृक्ष के फूलों का ही आयुर्वेद में प्रयोग होता है। इसकी जड़, तने की छाल, लता, पत्ता, फूल, फल आदि सभी अंग गुणकारी होते हैं। धातकी से विभिन्न रोगों का उपचार किया जाता है। धातकी के पौधे हर साल जनवरी से अप्रैल के दौरान फूलों से भर जाते हैं। इसी वक्त इसके पत्ते झड़ जाते हैं। इसके पौधों में नए पत्ते फरवरी से मार्च के बीच आते हैं। धातकी के फूल स्वाद में कड़वे, तासीर में ठंडे और आकार में छोटे होते हैं। हड्डियों को जोड़ने में धातकी के फूल  मददगार होते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, धातकी एक बहुत ही गुणी औषधि है जो कई रोगों के इलाज में धातकी के फायदे मिलते हैं। आप हड्डी रोग, अल्सर, बुखार, दस्त और बवासीर जैसे रोग में धातकी से लाभ ले सकते हैं।

अन्य भाषाओं में इसके क्या-क्या नाम हैं…………………………

  • हिंदी  – धातकी, धायफूल , धवई, धाई, धाओल, धावा, धाय
  • अंग्रेजी  – Red bell bush Fire-flame bush
  • संस्कृत  – धातकी, धातुपुष्पी, ताम्रपुष्पी, कुञ्जरा, सुभिक्षा, बहुपुष्पी, वह्निज्वाला

आयुर्वेद में इसके आपको बहुत ही प्रयोग मिल जायेंगे परन्तु यहाँ पर आयुर्वेद के प्रयोग के बारे बात न करके हम इसके तांत्रिक उपयोग के बारे में चर्चा करेंगे ! तंत्र में भी इसकी बहुत प्रशंसा की गई है, इसके तंत्र में विभिन्न प्रभावी और दुर्लभ प्रयोग देखने को मिलते है, जिसमे से एक बहुत ही चमत्कारी और प्रभावशाली प्रयोग दिया जा रहा है ! तंत्र में ऐसा वर्णन आया है कि अगर इस पौधे की जड़ की कील बना कर अगर किसी फलदार वृक्ष में ठोंक दी जाए, तो उसी क्षण उस वृक्ष पर लगे हुए सारे पक्के फल अपने आप गिर जाएंगे !

आपदा या सर्वबाधा से मुक्ति के लिए प्रयोग 

मंत्र 

“आपदामपहर्तारं दातारां सर्वसम्पदाम्।
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो-भूयो नामाम्यहम् ॥”

सर्व प्रथम इस पौधे की जड़ की माला बनाकर(जिस प्रकार हम तुलसी की माला बनाते है)फिर इस माला की प्राण प्रतिष्ठा करके दिए गए मंत्र से ११ माला का जाप करना है,जाप जब तक करना है कि जब तक आपके कार्य सिद्ध या बाधा दूर ना हो जाये ! इतना आसान सा दिखने वाला यह प्रयोग इतना प्रभावी है कि कुछ ही समय में अपना पूर्ण प्रभाव दिखा देता है ! सबसे अच्छी बात इस प्रयोग की यह की इसमें यम नियम का ज्यादा झंझट नहीं है, बस आप कितनी श्रद्धा से इस सरल उपाय को करते है !

 

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12 + 7 =