Category: Bhakti – Ras

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पुरुषोत्तम मास महात्यम – अध्याय २

पुरुषोत्तम मास महात्यम  अध्याय २ – प्रश्‍न विधिर्नाम  सूतजी बोले – राजा परीक्षित् के पूछने पर भगवान् शुक द्वारा कथित परम पुण्यप्रद श्रीमद्भागवत शुकदेवजी के प्रसाद से सुनकर अनन्तर राजा का मोक्ष भी देख...

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पुरुषोत्तम मास महात्म्य – अध्याय १

 🌷पुरुषोत्तम मास महात्म्य🌷 अध्याय १ – शुकागमने कल्पवृक्ष के समान भक्तजनों के मनोरथ को पूर्ण करने वाले वृन्दावन की शोभा के अधिपति अलौकिक कार्यों द्वारा समस्त लोक को चकित करने वाले वृन्दावनबिहारी पुरुषोत्तम भगवान्...

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श्रावण मास माहात्म्य – अध्याय-30 (श्रावण मास का माहात्म्य फल)

श्रावण मास माहात्म्य – अध्याय-30 (श्रावण मास का माहात्म्य फल) शिव बोले-हे पुत्र! मैंने जो तुम्हें श्रावण मास का माहात्म्य बतलाया है वह दूसरा कोई एक शाताब्दी में भी नहीं कर सकता है| सती...

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श्रावण मास माहात्म्य – अध्याय-29 (श्रावण कब व क्यों करें?)

श्रावण मास माहात्म्य – अध्याय-29 (श्रावण कब व क्यों करें?) भगवान शिव बोले-हे सनत्कुमार! अब मैं तुम्हें श्रावण मास में किये जाने वाले कार्य विधिपूर्वक बतलाता हूं| कौन सा कार्य, कब किया जाना चाहिए,...

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श्रावण मास माहात्म्य – अध्याय-28 (अगस्त्य- अर्घ्य की विधि)

श्रावण मास माहात्म्य – अध्याय-28 (अगस्त्य- अर्घ्य की विधि) भगवान शिव बोले-हे पुत्र! अब मैं तुम्हें अगस्त्य-अर्घ्य विधि पूर्वक कहता हूँ| यह समस्त मनोकांक्षाओं को पूर्ण करने वाला है| अगस्त्य के उदय से पूर्व...

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श्रावण मास माहात्म्य – अध्याय-27 (श्रावण में करने योग्य कार्य)

श्रावण मास माहात्म्य – अध्याय-27 (श्रावण में करने योग्य कार्य) भगवान शिव बोले- हे सनत्कुमार! अब आगे मैं तुम्हें श्रावण मास में कर्क, सिंह व संक्रांति होने पर जो भी कार्य किए जाते हैं,...