Category: Astrology

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पुरुषोत्तम मास की उत्पत्ति कथा

पुरुषोत्तम मास की उत्पत्ति कथा प्रत्येक राशि, नक्षत्र, करण व चैत्रादि बारह मासों के सभी के स्वामी है, परन्तु मलमास का कोई स्वामी नही है. इसलिए देव कार्य, शुभ कार्य एवं पितृ कार्य इस...

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“पुरुषोत्तम मास ” “अधिक मास” का महत्व 

“पुरुषोत्तम मास ” “अधिक मास” का महत्व  “अधिक मास” जिसे मल मास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है ,तीन साल मे एक बार आता है । हिन्दू केलेण्डर मे आने वाले इस अधिक...

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कुंडली में दो ग्रहों की युती के फल जानिये : सूर्य और अन्य ग्रह

दो ग्रहों की युती के फल जब दो ग्रह एक ही राशि में हों तो इसे ग्रहों की युति कहा जाता है। जब दो ग्रह एक-दूसरे से सातवें स्थान पर हों अर्थात् 180 डिग्री...

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सामुद्रिक शास्त्र में वर्णित अंगों का फड़कना……….शुभ या अशुभ

अंग फडकने के शुभ-अशुभ फल हमारा शरीर अन्य प्राणियों की तुलना में काफी संवेदनशील होता है। यही कारण है कि भविष्य में होने वाली घटना के प्रति हमारा शरीर पहले ही आशंका व्यक्त कर...

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कोकिला पंचमी व्रत- सुयोग्य पति की कामना के लिए कुंवारी लड़कियाँ रखती है व्रत

वैसे तो कोकिला पंचमी का व्रत सम्पूर्ण भारत में प्रसिद्ध है , परन्तु दक्षिण भारत में विशेष रूप से प्रचलित है ! कोकिला व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की  पंचमी को बनाया जाता...

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कोरोना वायरस एस्ट्रोलॉजी प्रेडिक्टशन

कोरोना वायरस के लक्षणों, आयुर्वेदिक उपचार के बारे मैं हम पहले ही जानते हैं लेकिन आज हम एस्ट्रोलॉजी कोरोना वायरस के बारे में बात करेंगे I ज्योतिषीय आकलन  दिनांक २९ अक्टूबर २०१९ – शनि...