क्या आप भी अपने बिज़नेस और कार्यक्षेत्र में सफलता पाना चाहते है………………

क्या आप भी अपने बिज़नेस और कार्यक्षेत्र में सफलता पाना चाहते है………………
तो आइये जाने ज्ञान विकि के माध्यम से की कौन सा ग्रह किस बिज़नेस और कार्यक्षेत्र को प्रभावित करता है………….
अगर आप भी इन कार्यक्षेत्र से जुड़े हुए हैं तो इन ग्रहो से जुड़े उपायों को करके अपने कार्यक्षेत्र में सफलता पा सकते है……………

वैदिक ज्योतिष में बिजनेस में सफल होने का मूल मंत्र बताया गया है जिसके अनुसार कुंडली में बिजनेस से संबंधित ग्रह, भाव और योग के प्रबल होने पर ही आपको सफलता हासिल होती है। तो आइए जानते हैं कि किस क्षेत्र में बिजनेस करने वाले लोगों को किस ग्रह को प्रसन्न करना चाहिए -:
सूर्य ग्रह – राजनीति, चिकित्सा क्षेत्र, विद्युत विभाग, होटल मैनेजमेन्ट, रेलवे विभाग, आभूषण खरीदना-बेचना, रत्न बेचना, विद्युत उपकरण, मेडिकल स्टोर, जनरल स्टोर, कपड़े का कार्य, वाहनों का क्रय-विक्रय, पुस्तक भण्डार, अनाजों का खरीदना-बेचना आदि प्रकार के व्यवसाय से जुड़े लोगों की कुंडली में सूर्य का शुभ स्थातन में होना अनिवार्य है। अत: इन क्षेत्रों में व्या पार या नौकरी करने वाले जातकों को सूर्य देव की आराधना करने से लाभ होता है।

उपाय खंड : सूर्य के उपाय

  1. सूर्य को बली बनाने के लिए व्यक्ति को प्रातःकाल सूर्योदय के समय उठकर लाल पुष्प वाले पौधों एवं वृक्षों को जल से सींचना चाहिए।
  2. रात्रि में ताँबे के पात्र में जल भरकर सिरहाने रख दें तथा दूसरे दिन प्रातःकाल उसे पीना चाहिए।
  3. ताँबे का कड़ा दाहिने हाथ में धारण किया जा सकता है।
  4. लाल गाय को रविवार के दिन दोपहर के समय दोनों हाथों में गेहूँ भरकर खिलाने चाहिए। गेहूँ को जमीन पर नहीं डालना चाहिए।
  5. किसी भी महत्त्वपूर्ण कार्य पर जाते समय घर से मीठी वस्तु खाकर निकलना चाहिए।
  6. हाथ में मोली (कलावा) छः बार लपेटकर बाँधना चाहिए।
  7. लाल चन्दन को घिसकर स्नान के जल में डालना चाहिए।
  8. सूर्य के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु रविवार का दिन, सूर्य के नक्षत्र (कृत्तिका, उत्तरा-फाल्गुनी तथा उत्तराषाढ़ा) तथा सूर्य की होरा में अधिक शुभ होते हैं।

अगर आपकी कुण्डली में सूर्य कमज़ोर है तो आपको अपने पिता एवं अन्य बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं. प्रात: उठकर सूर्य नमस्कार करने से भी सूर्य की विपरीत दशा से आपको राहत मिल सकती है. सूर्य से सम्बन्धित वस्तुओं का दान रविवार के दिन दोपहर में ४० से ५० वर्ष के व्यक्ति को देना चाहिए. सूर्य ग्रह की शांति के लिए रविवार के दिन व्रत करना चाहिए.

चंद्र ग्रह – बागवानी का कार्य, कृषि कार्य, तरल पदार्थो का व्यापार, आयुर्वेदिक दवाओं का व्यापार, बिजली की दुकान, मोटर पार्टस पेट्रोल पम्प, कोल्ड ड्रिंक, पानी, संगीत एकेडमी, होटल, रेस्टोरेन्ट, मिटटी का कार्य, ठेकेदारी, प्रकाशन,दूध की डेरी आदि क्षेत्रों में बिजनेस करने वाले लोगों की कुंडली में चंद्रमा ग्रह शुभ स्थानन में अथवा बलवान होना चाहिए। इन जातकों को चंद्र देव की उपासना करनी चाहिए।

उपाय खंड : चन्द्रमा के उपाय

  1. सफेद सुगंधित पुष्प वाले पौधे घर में लगाकर उनकी देखभाल करनी चाहिए।
  2. व्यक्ति को देर रात्रि तक नहीं जागना चाहिए।
  3. रात्रि के समय घूमने-फिरने तथा यात्रा से बचना चाहिए।
  4. रात्रि में ऐसे स्थान पर सोना चाहिए जहाँ पर चन्द्रमा की रोशनी आती हो।
  5. ऐसे व्यक्ति के घर में दूषित जल का संग्रह नहीं होना चाहिए।
  6. वर्षा का पानी काँच की बोतल में भरकर घर में रखना चाहिए।
  7. वर्ष में एक बार किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान अवश्य करना चाहिए।
  8. सोमवार के दिन मीठा दूध नहीं पीना चाहिए।

चन्दमा से सम्बन्धित वस्तुओं का दान करते समय ध्यान रखें कि दिन सोमवार हो और संध्या काल हो. ज्योतिषशास्त्र में चन्द्रमा से सम्बन्धित वस्तुओं के दान के लिए महिलाओं को सुपात्र बताया गया है अत: दान किसी महिला को दें. आपका चन्द्रमा कमज़ोर है तो आपको सोमवार के दिन व्रत करना चाहिए. गाय को गूंथा हुआ आटा खिलाना चाहिए तथा कौए को भात और चीनी मिलाकर देना चाहिए. किसी ब्राह्मण अथवा गरीब व्यक्ति को दूध में बना हुआ खीर खिलाना चाहिए. सेवा धर्म से भी चन्द्रमा की दशा में सुधार संभव है. सेवा धर्म से आप चन्द्रमा की दशा में सुधार करना चाहते है तो इसके लिए आपको माता और माता समान महिला एवं वृद्ध महिलाओं की सेवा करनी चाहिए.

मंगल ग्रह– सॉफ्टवेयर इंजीनियर, हार्डवेयर, इलेक्ट्रानिक इंजीनियर, भूमि, मेडिकल, पेट्रोल पम्प, सर्जरी का सामान, कोर्ट-कचहरी, ठेकेदारी, मेडिकल की दुकान, धर्म उपदेशक, औषधि निर्माण कारखाने जैसा व्यकवसाय करने वाले लोगों को मंगल ग्रह को प्रसन्न करने के उपाय करने चाहिए। इन जातकों की कुंडली में मंगल ग्रह का मजबूत होना जरूरी है और साथ में मंगल का दशम, दशमेश व लाभ भाव से सम्बन्ध होना आवश्यक है।

उपाय खंड : मंगल के उपाय

  1. अपने घर में लाल पुष्प वाले पौधे या वृक्ष लगाकर उनकी देखभाल करनी चाहिए।
  2. लाल कपड़े में सौंफ बाँधकर अपने शयनकक्ष में रखनी चाहिए।
  3. ऐसा व्यक्ति जब भी अपना घर बनवाये तो उसे घर में लाल पत्थर अवश्य लगवाना चाहिए।
  4. बन्धुजनों को मिष्ठान्न का सेवन कराने से भी मंगल शुभ बनता है।
  5. लाल वस्त्र ले कर उसमें दो मुठ्ठी मसूर की दाल बाँधकर मंगलवार के दिन किसी भिखारी को दान करनी चाहिए।
  6. मंगलवार के दिन हनुमानजी के चरण से सिन्दूर ले कर उसका टीका माथे पर लगाना चाहिए।
  7. बंदरों को गुड़ और चने खिलाने चाहिए।
  8. मंगल के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु मंगलवार का दिन, मंगल के नक्षत्र (मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा) तथा मंगल की होरा में अधिक शुभ होते हैं।

मंगल ग्रह की दशा में सुधार हेतु दान देने के लिए मंगलवार का दिन और दोपहर का समय सबसे उपयुक्त होता है. जिनका मंगल पीड़ित है उन्हें मंगलवार के दिन व्रत करना चाहिए और ब्राह्मण अथवा किसी गरीब व्यक्ति को भर पेट भोजन कराना चाहिए ! मंगल पीड़ित व्यक्ति में धैर्य की कमी होती है अत: धैर्य बनाये रखने का अभ्यास करना चाहिए एवं छोटे भाई बहनों का ख्याल रखना चाहिए ! पीड़ित व्यक्ति को लाल रंग का बैल दान करना चाहिए. लाल रंग का वस्त्र, सोना, तांबा, मसूर दाल, बताशा, मीठी रोटी का दान देना चाहिए. मंगल से सम्बन्धित रत्न दान देने से भी पीड़ित मंगल के दुष्प्रभाव में कमी आती है.

बुध ग्रह – पर्यटन, टेलीफोन, तम्बाकू, पान मसाला, कत्था, किमाम, पुस्तक के थोक विक्रेता, दूर संचार विभाग की ठेकेदारी, रेलवे के पार्टो का कारखाना, चूडि़यों का व्यापार, कपड़े का व्यापार, हरी वस्तुओं का व्यापार, मार्केटिंग का बिजनेस तथा फर्नीचर आदि का व्यवसाय करने वाले लोगों को बुध ग्रह को प्रसन्न करना चाहिए। इन क्षेत्रों में व्याफपार करने वाले लोगों की कुंडली में बुध ग्रह मजबूत हो या शुभ स्था न में हो तो इन जातकों को अपने व्यामपार में विशेष सफलता की प्राप्तिव होती है।

उपाय खंड : बुध के उपाय

  1. अपने घर में कंटीले पौधे, झाड़ियाँ एवं वृक्ष नहीं लगाने चाहिए। फलदार पौधे लगाने से बुध ग्रह की अनुकूलता बढ़ती है।
  2. अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा निरन्तर उसकी देखभाल करनी चाहिए। बुधवार के दिन तुलसी पत्र का सेवन करना चाहिए।
  3. बुधवार के दिन हरे रंग की चूड़ियाँ हिजड़े को दान करनी चाहिए।
  4. हरी सब्जियाँ एवं हरा चारा गाय को खिलाना चाहिए।
  5. बुधवार के दिन गणेशजी के मंदिर में मूँग के लड्डुओं का भोग लगाएँ तथा बच्चों को बाँटें।
  6. घर में खंडित एवं फटी हुई धार्मिक पुस्तकें एवं ग्रंथ नहीं रखने चाहिए।
  7. अपने घर में कंटीले पौधे, झाड़ियाँ एवं वृक्ष नहीं लगाने चाहिए। फलदार पौधे लगाने से बुध ग्रह की अनुकूलता बढ़ती है।
  8. तोता पालने से भी बुध ग्रह की अनुकूलता बढ़ती है।
  9. बुध के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु बुधवार का दिन, बुध के नक्षत्र (आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती) तथा बुध की होरा में अधिक शुभ होते हैं।

बुध की शांति के लिए स्वर्ण का दान करना चाहिए. हरा वस्त्र, हरी सब्जी, मूंग का दाल एवं हरे रंग के वस्तुओं का दान उत्तम कहा जाता है. हरे रंग की चूड़ी और वस्त्र का दान किन्नरो को देना भी इस ग्रह दशा में श्रेष्ठ होता है. बुध ग्रह से सम्बन्धित वस्तुओं का दान भी ग्रह की पीड़ा में कमी ला सकती है. इन वस्तुओं के दान के लिए ज्योतिषशास्त्र में बुधवार के दिन दोपहर का समय उपयुक्त माना गया है.बुध की दशा में सुधार हेतु बुधवार के दिन व्रत रखना चाहिए. गाय को हरी घास और हरी पत्तियां खिलानी चाहिए. ब्राह्मणों को दूध में पकाकर खीर भोजन करना चाहिए. बुध की दशा में सुधार के लिए विष्णु सहस्रनाम का जाप भी कल्याणकारी कहा गया है. रविवार को छोड़कर अन्य दिन नियमित तुलसी में जल देने से बुध की दशा में सुधार होता है. अनाथों एवं गरीब छात्रों की सहायता करने से बुध ग्रह से पीड़ित व्यक्तियों को लाभ मिलता है. मौसी, बहन, चाची बेटी के प्रति अच्छा व्यवहार बुध ग्रह की दशा से पीड़ित व्यक्ति के लिए कल्याणकारी होता है.

गुरु ग्रह – सम्पादन कार्य, थोक विक्रेता, पूजन भण्डार, पान की दुकान, मिठाई की दुकान, इत्र का कार्य, फिल्म मेकर, भूमि का क्रय-विक्रय, आभूषण के विक्रेता, पीली वस्तुओं का व्यापार, वक्ता, नेता, शिक्षा और शेयर आदि का व्यवसाय करने वाले लोगों को गुरु ग्रह को खुश करने के उपाय करने चाहिए। इनकी कुंडली में गुरु का मजबूत होना अतिआवश्यक होता है।

उपाय खंड :गुरु के उपाय

  1. सफेद चन्दन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर उसमें केसर मिलाकर लेप को माथे पर लगाना चाहिए या टीका लगाना चाहिए।
  2. ऐसे व्यक्ति को मन्दिर में या किसी धर्म स्थल पर निःशुल्क सेवा करनी चाहिए।
  3. किसी भी मन्दिर या इबादत घर के सम्मुख से निकलने पर अपना सिर श्रद्धा से झुकाना चाहिए।
  4. ऐसे व्यक्ति को परस्त्री / परपुरुष से संबंध नहीं रखने चाहिए।
  5. गुरुवार के दिन मन्दिर में केले के पेड़ के सम्मुख गौघृत का दीपक जलाना चाहिए।
  6. गुरुवार के दिन आटे के लोयी में चने की दाल, गुड़ एवं पीसी हल्दी डालकर गाय को खिलानी चाहिए।
  7. गुरु के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु गुरुवार का दिन, गुरु के नक्षत्र (पुनर्वसु, विशाखा, पूर्व-भाद्रपद) तथा गुरु की होरा
  8. में अधिक शुभ होते हैं।
  9. केला का सेवन और सोने वाले कमरे में केला रखने से बृहस्पति से पीड़ित व्यक्तियों की कठिनाई बढ़ जाती है अत: इनसे बचना चाहिए।
  10. ऐसे व्यक्ति को अपने माता-पिता, गुरुजन एवं अन्य पूजनीय व्यक्तियों के प्रति आदर भाव रखना चाहिए तथा महत्त्वपूर्ण समयों पर इनका चरण स्पर्श कर आशिर्वाद लेना चाहिए।

बृहस्पति के उपाय हेतु जिन वस्तुओं का दान करना चाहिए उनमें चीनी, केला, पीला वस्त्र, केशर, नमक, मिठाईयां, हल्दी, पीला फूल और भोजन उत्तम कहा गया है. इस ग्रह की शांति के लए बृहस्पति से सम्बन्धित रत्न का दान करना भी श्रेष्ठ होता है. दान करते समय आपको ध्यान रखना चाहिए कि दिन बृहस्पतिवार हो और सुबह का समय हो. दान किसी ब्राह्मण, गुरू अथवा पुरोहित को देना विशेष फलदायक होता है.बृहस्पतिवार के दिन व्रत रखना चाहिए. कमज़ोर बृहस्पति वाले व्यक्तियों को केला और पीले रंग की मिठाईयां गरीबों, पंक्षियों विशेषकर कौओं को देना चाहिए. ब्राह्मणों एवं गरीबों को दही चावल खिलाना चाहिए. रविवार और बृहस्पतिवार को छोड़कर अन्य सभी दिन पीपल के जड़ को जल से सिंचना चाहिए. गुरू, पुरोहित और शिक्षकों में बृहस्पति का निवास होता है अत: इनकी सेवा से भी बृहस्पति के दुष्प्रभाव में कमी आती है.

शुक्र ग्रह – रेस्टोरेन्ट, सौन्दर्य प्रसाधन, शिल्प कार्य, साहित्य, फिल्म विज्ञापन, परिवहन विभाग की ठेकेदारी, वस्त्रों का व्यापार, हीरे का बिजनेस, सफेद वस्तुओं का कार्य, खनिज कार्य, पेन्टिंग, निर्माण कार्य, परिवहन विभाग, पर्यटन विभाग, रेसलिंग, टीवी शो, थियेटर से सम्बन्धित क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले लोगों को शुक्र ग्रह को के लिए शुक्र ग्रह का शुभ व बलवान आवश्यक होता है।

उपाय खंड : शुक्र के उपाय

  1. काली चींटियों को चीनी खिलानी चाहिए।
  2. शुक्रवार के दिन सफेद गाय को आटा खिलाना चाहिए।
  3. किसी काने व्यक्ति को सफेद वस्त्र एवं सफेद मिष्ठान्न का दान करना चाहिए।
  4. किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के लिए जाते समय १० वर्ष से कम आयु की कन्या का चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेना चाहिए।
  5. अपने घर में सफेद पत्थर लगवाना चाहिए।
  6. किसी कन्या के विवाह में कन्यादान का अवसर मिले तो अवश्य स्वीकारना चाहिए।
  7. शुक्रवार के दिन गौ-दुग्ध से स्नान करना चाहिए।
  8. शुक्र के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु शुक्रवार का दिन, शुक्र के नक्षत्र (भरणी, पूर्वा-फाल्गुनी, पुर्वाषाढ़ा) तथा शुक्र की होरा में अधिक शुभ होते हैं।

इस ग्रह के पीड़ित होने पर आपको ग्रह शांति हेतु सफेद रंग का घोड़ा दान देना चाहिए. रंगीन वस्त्र, रेशमी कपड़े, घी, सुगंध, चीनी, खाद्य तेल, चंदन, कपूर का दान शुक्र ग्रह की विपरीत दशा में सुधार लाता है. शुक्र से सम्बन्धित रत्न का दान भी लाभप्रद होता है. इन वस्तुओं का दान शुक्रवार के दिन संध्या काल में किसी युवती को देना उत्तम रहता है.शुक्र ग्रह से सम्बन्धित क्षेत्र में आपको परेशानी आ रही है तो इसके लिए आप शुक्रवार के दिन व्रत रखें. मिठाईयां एवं खीर कौओं और गरीबों को दें. ब्राह्मणों एवं गरीबों को घी भात खिलाएं. अपने भोजन में से एक हिस्सा निकालकर गाय को खिलाएं. शुक्र से सम्बन्धित वस्तुओं जैसे सुगंध, घी और सुगंधित तेल का प्रयोग नहीं करना चाहिए. वस्त्रों के चुनाव में अधिक विचार नहीं करें.
शनि ग्रह – ज्योतिष का कार्य, कर्मकाण्ड, लोहे का काम, वकालत, खनिज विभाग, तकनीकी कार्य, कृषि कार्य, काली वस्तुओं का व्यापार जैसे- तिलहन, काले तिल आदि, ट्रांसपोर्ट का कार्य, मुर्गी पालन, लकड़ी का कार्य, बिजली का कार्य, लोहे का कार्य, शिल्पकला का कार्य, कृषि कार्य, वाहन की ऐजेन्सी से संबंधित क्षेत्रों में व्यवसाय करने के लिए शनि का शुभ और मजबूत होना जरूरी है। इन क्षेत्रों में बिजनेस करने वाले लोगों को शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय करने चाहिए।

उपाय खंड : शनि  के उपाय

  1. मोर पंख धारण करने से भी शनि के दुष्प्रभाव में कमी आती है.
  2. शनिवार के दिन पीपल वृक्ष की जड़ पर तिल्ली के तेल का दीपक जलाएँ।
  3. शनिवार के दिन लोहे, चमड़े, लकड़ी की वस्तुएँ एवं किसी भी प्रकार का तेल नहीं खरीदना चाहिए।
  4. शनिवार के दिन बाल एवं दाढ़ी-मूँछ नही कटवाने चाहिए।
  5. भड्डरी को कड़वे तेल का दान करना चाहिए।
  6. भिखारी को उड़द की दाल की कचोरी खिलानी चाहिए।
  7. किसी दुःखी व्यक्ति के आँसू अपने हाथों से पोंछने चाहिए।
  8. घर में काला पत्थर लगवाना चाहिए।
  9. शनि के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु शनिवार का दिन, शनि के नक्षत्र (पुष्य, अनुराधा, उत्तरा-भाद्रपद) तथा शनि की होरा में अधिक शुभ फल देता है।

शनि ग्रह की शांति के लिए दान देते समय ध्यान रखें कि संध्या काल हो और शनिवार का दिन हो तथा दान प्राप्त करने वाला व्यक्ति ग़रीब और वृद्ध हो.शनि के कोप से बचने हेतु व्यक्ति को शनिवार के दिन एवं शुक्रवार के दिन व्रत रखना चाहिए. लोहे के बर्तन में दही चावल और नमक मिलाकर भिखारियों और कौओं को देना चाहिए. रोटी पर नमक और सरसों तेल लगाकर कौआ को देना चाहिए. तिल और चावल पकाकर ब्राह्मण को खिलाना चाहिए. अपने भोजन में से कौए के लिए एक हिस्सा निकालकर उसे दें. शनि ग्रह से पीड़ित व्यक्ति के लिए हनुमान चालीसा का पाठ, महामृत्युंजय मंत्र का जाप एवं शनिस्तोत्रम का पाठ भी बहुत लाभदायक होता है. शनि ग्रह के दुष्प्रभाव से बचाव हेतु गरीब, वृद्ध एवं कर्मचारियो के प्रति अच्छा व्यवहार रखें.

राहु और केतु ग्रह – राहु और केतु ग्रह, बुध और शनि ग्रह से जुड़े व्यवसाय को प्रभावित करते और साहयक होते है,जब भी इन ग्रहो से अर्थात बुध और शनि ग्रह से व्यवसाय से जुडी भविष्याणि करे तो विशेष कर के इनके साहयक ग्रहो का भी आंकलन करे और उपाय भी करे !

राहु के उपाय :

  1. ऐसे व्यक्ति को अष्टधातु का कड़ा दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए।
  2. हाथी दाँत का लाकेट गले में धारण करना चाहिए।
  3. अपने पास सफेद चन्दन अवश्य रखना चाहिए। सफेद चन्दन की माला भी धारण की जा सकती है।
  4. जमादार को तम्बाकू का दान करना चाहिए।
  5. दिन के संधिकाल में अर्थात् सूर्योदय या सूर्यास्त के समय कोई महत्त्वपूर्ण कार्य नही करना चाहिए।

राहु से सम्बंधित दान आदि कर्म राहुकाल में सर्वश्रेश्ठ होते है और बुधवार का दिन हो तो अत्यधिक फल देने वाला होता है !

केतु के उपाय :

  1. केतु से पीड़ित व्यक्ति को बकरे का दान करना चाहिए.
  2. कम्बल, लोहे के बने हथियार, तिल, भूरे रंग की वस्तु केतु की दशा में दान करने से केतु का दुष्प्रभाव कम होता है.
  3. गाय की बछिया, केतु से सम्बन्धित रत्न का दान भी उत्तम होता है.
  4. अगर केतु की दशा का फल संतान को भुगतना पड़ रहा है तो मंदिर में कम्बल का दान करना चाहिए.
  5. शनिवार एवं मंगलवार के दिन व्रत रखने से केतु की दशा शांत होती है.
  6. कुत्ते को आहार दें एवं ब्राह्मणों को भात खिलायें इससे भी केतु की दशा शांत होगी.
  7. किसी को अपने मन की बात नहीं बताएं एवं बुजुर्गों एवं संतों की सेवा करें यह केतु की दशा में राहत प्रदान करता है।

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1 Response

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