भगवान नृसिंह की पूजा से पाये सभी समस्याओं से मुक्ति

भगवान नृसिंह की पूजा से पाये सभी समस्याओं से मुक्ति

भगवान नृसिंह श्री हरि विष्णु के उग्र और शक्तिशाली अवतार माने जाते हैं, अपने प्रिय भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लिया था. इनका प्राकट्य खम्बे से गोधूली वेला के समय हुआ था. इनकी उपासना करने से हर प्रकार के संकट और दुर्घटना से रक्षा होती है. साथ ही हर प्रकार के मुक़दमे, शत्रु और विरोधी शांत होते हैं. तंत्र – मंत्र की बाधाएं भी समाप्त होती हैं.

एक तरफ भगवान् को उग्र स्वरुप वाला माना जाता है, परन्तु उग्र स्वरुप होते हुए भी भगवान् भक्तवत्सल और करुणामयी है, जितनी जल्दी इन्हे क्रोध आता है उतनी ही जल्द शांत भी हो जाते है , अपने भक्तो कि सदा रक्षा करते है तथा उनके सम्पूर्ण मनोरथो को पूर्ण भी करते है , इसीलिए भक्तगण भगवान् की प्रसन्नता हेतु विभिन्न विभिन्न तरीकों से पूजा इनकी अर्चना करते है । यूं तो संपूर्ण भारत में नृसिंह भगवान की पूजा की जाती है, लेकिन दक्षिण भारत में भगवान् नृसिंह की पूजा का विशेष चलन है ।

भगवान् नरसिंह को दीप दान का बहुत अधिक महत्व है, भगवान् की प्रसन्नता हेतु भक्तगण भगवान् को घी का,तेल के दीपक तथा अन्य तेलों द्वारा पूजन करते है उसमे कुछ विशेष महत्व रखते है जैसे कि :

  • घी के चौमुखा दीपक भगवान् नरसिंह के समक्ष प्रज्जवलित करने से लक्ष्मी का आगमन होता है तथा रुके हुए सभी कार्य पूर्ण होने लगते है।
  • तिल के चौमुखा दीपक भगवान् नरसिंह के समक्ष प्रज्जवलित करने से आयु लम्बी होती है और बड़े से बड़े रोगो से निवृति मिलती है।
  • सरसो के चौमुखा दीपक भगवान् नरसिंह के समक्ष प्रज्जवलित करने से लम्बे समय से चले आ रहे कोर्ट-केस में तथा शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
  • शुद्ध चमेली के तेल के चौमुखा दीपक भगवान् नरसिंह के समक्ष प्रज्जवलित करने से मोक्ष कि प्राप्ति होती है।
  • शुद्ध चमेली के तेल और तिल के तेल को मिला कर अगर चौमुखा दीपक भगवान् नरसिंह के समक्ष प्रज्जवलित किया जाये तो भगवान् नरसिंह के साथ साथ माँ लक्ष्मी कि विशेष कृपा प्राप्त होती है ,जीवन में से निराशा ,तथा दारिद्रय सम्पूर्ण रूप से समाप्त हो जाती है।

 

।। नृसिंह  गायत्री मंत्र : ॐ उग्र नरसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि. तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात् ।।

।। नृसिंह  मंत्र : ॐ नृम नृम नृम नरसिंहाय नमः ।

 

  • भगवान नरसिंह को मोर पंख चढाने से कालसर्प दोष दूर होता है ।
  • भगवान नरसिंह को दही अर्पित करने से मुकद्दमों में विजय मिलती है।
  • भगवान नरसिंह को नागकेसर अर्पित करने से धन लाभ मिलता है।
  • भगवान नरसिंह को बर्फीला पानी अर्पित करने से शत्रु परास्त होते हैं।
  • भगवान नरसिंह को इत्र मिला जल के स्नान से लक्ष्मी की विशेष प्राप्त होती है तथा पति पत्नी के रिश्ते में मधुरता बनी रहती है ।
  • भगवान नरसिंह को पंचामृत के स्नान से जीवन में सदैव खुशाली बनी रहती है ।
  • भगवान नरसिंह को मक्की का आटा चढाने से रूठा व्यक्ति मान जाता है।
  • भगवान नरसिंह को लोहे की कील चढाने से बुरे ग्रह टलते हैं।
  • भगवान नरसिंह को चाँदी और मोती चढाने से रुका धन मिलता है।
  • भगवान नरसिंह को भगवा ध्वज चढाने से रुके कार्य में प्रगति होती है।
  • भगवान नरसिंह को चन्दन का लेप देने से रोगमुक्ति होती है।
  • भगवान नरसिंह को कमल पुष्प अर्पित करने से मोक्ष की प्राप्त होती है।
  • भगवान नरसिंह को गुड़हल के पुष्प अर्पित से लक्ष्मी की कृपा बानी रहती है।
  • भगवान नरसिंह को गुलाब के पुष्प अर्पित से संतान प्राप्त होती है,अगर आपके जीवन में संतान से संबंधित समस्या है तो उसके निवारण हेतु प्रतिदिन नरसिंह सहस्त्रनाम का उच्चारण करते हुए गुलाब के पुष्प अर्पित करे।
  • भगवान नरसिंह की पूजा अर्चना में तुलसी दल का विशेष महत्व है , जो भी साधक भगवान् को तुलसी दल अर्पित करता है उसको भगवान् श्री नरसिंह का धाम प्राप्त होता है अथार्त मोक्ष प्राप्त होती है ।

 

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